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Tag: Umesh Chand Yadav

गंगा की धार जीवन आधार-उमेश चन्द यादव

जल के बिन कल है असंभव, कहते सब हैं बारंबार। जल बिन धरा जन हीन है, तथ्य सिद्ध यह अनेक प्रकार ।। धरा हमारी रत्न

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सफल परीक्षार्थी -उमेश चन्द यादव

सफल परीक्षार्थी है वही, जो रखे समय का ध्यान । करे अध्ययन परीक्षा से पहले, कर अभ्यास बढ़ाए ज्ञान।। शीश झुकाए गुरु चरणों में, माता-पिता

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अनोखी बिटिया-उमेश चन्द यादव

शहर के कोने में एक हँसता खेलता परिवार रहता था। उस परिवार में पति – पत्नी और उनकी पाँच बेटियाँ थीं। समय बीतने लगा और

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अरे भाई! बाढ़ क्यों आई- उमेश चन्द यादव

देखा सुना मैंने जब खबर टी. वी. पर, बाढ़ ने उत्पात मचाई। सुखी और सुनहरी धरती पर, जल ने अपनी ताकत दिखाई। उठने लगे प्रश्न

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हिंदी भारत की बिंदी है-उमेश चन्द यादव

हिंदी भारत की बिंदी है । जी यह बात शत प्रतिशत सही है । जिसप्रकार बिंदी किसी के माथे पर लगकर उसके सौंदर्य में चार

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