डॉ राजेंद्र यादव आजाद 21 May 2025 आलेख समाजिक सामाजिक आलेख 3482 0 Hindi :: हिंदी
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर किया जिसकी प्रेस ब्रीफिंग व्योमिका सिंह व सोफिया कुरैशी ने की। देशभर में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा हो रही है इसी दौरान मध्य प्रदेश शासन के एक मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया को लेकर जो टिप्पणी की उससे देश भर में बवाल मच गया । मंत्री विजय शाह ने कहा कि हमने आतंकियों की बहन से ही आतंकवादियों पर हमला करवा दिया यह मोदी जी की ताकत है । वहीं भाजपा समर्थक लोग ऑपरेशन सिंदूर का श्रय भारतीय सेना को नहीं देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे रहे हैं । सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि मंत्री विजय शाह की टिप्पणी से पूरा देश शर्मिंदा है सार्वजनिक पद पर होने के नाते मंत्री को अपने बयानों में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए । अपनी इस गंभीर टिप्पणी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच के लिए तीन सदस्यो का विशेष जाच दल गठित करने के भी आदेश दिए हैं । वैसे तो राजनेताओं के बोल हमेशा ही बिगड़ते रहे हैं लेकिन इस बार भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान से देश में भूचाल सा आ गया । कर्नल कुरैशी के धर्म को लेकर मंत्री विजय शाह ने जो टिप्पणी की है वह बेहद ही आपत्तिजनक है क्योंकि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता है वे केवल आतंकी होते हैं । कर्नल कुरेशी देश की बहादुर बेटी है जो धर्म से मुस्लिम है लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है जबकि मंत्री विजय शाह मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार में एक जिम्मेदार मंत्री के पद पर कार्यरत हैं जिन्होंने इस तरह का बयान देकर भारतीय जनता पार्टी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिर शर्म से नीचे कर दिया । भारतीय सेना का हर जवान चाहे वह किसी भी धर्म जाति व संप्रदाय का हो देश रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहता है । मंत्री विजय शाह के बयान को लेकर जब समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने विंग कमांडर व्योमिका सिंह व एयर मार्शल अवधेश भारती की जाति को लेकर बयान दिया तो भारतीय मीडिया और आम जनता ने प्रोफेसर रामगोपाल को बहुत भला बुरा कहा जबकि इन्हीं लोगों ने मंत्री विजय शाह के बयान पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी । समय-समय पर भारतीय राजनेताओं के बोल बिगड़ते रहते हैं पता नहीं इन राजनेताओं को क्या हो गया है । भारतीय मीडिया भी न जाने कहां लुप्त हो गया है । देश की राजनीति न जाने कहां जा रही है सत्ता पक्ष से सवाल करने वालों को देशद्रोही तक कह दिया जाता है जबकि हर नागरिक अपनी चुनी हुई सरकार से सवाल कर सकता है ।। भारतीय संविधान द्वारा भारतीय नागरिकों को अपनी चुनी हुई सरकारों से सवाल करने का अधिकार दिया गया है लेकिन आज देश में कोई भी व्यक्ति चुनी हुई सरकार से सवाल करने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है। जो सवाल करता है उसे देशद्रोही कहकर चुप कर दिया जाता है । आम आदमी मीडिया के माध्यम से भी अपनी बात रख सकता है लेकिन आज देश का मीडिया तो वाजिब सवाल उठा ही नहीं रहा है इसलिए आम नागरिक सोशल मीडिया के माध्यम से जब सत्ताधारियों से सवाल करता है तो अंधभक्त उस सवाल कर्ता को देशद्रोही ही कहने लग जाते हैं । नेहा सिंह राठौड़ निडर होकर सत्ताधीस लोगों से सवाल कर रही है तो उस पर एफ आई आर तक दर्ज करवाई जा रही है । देश में भय का माहौल बना दिया गया है। देश का विपक्ष भी आज मजबूत स्थिति में नहीं है जो सत्ता में बैठे लोगों से वाजिब सवाल कर सके । भारतीय सेना के जवान अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं और देश के राजनेता उन्ही वीर बहादुर जवानों पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं । ये देश की बेटी सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बता रहे हैं । भारतीय जनता पार्टी को चाहिए था कि जैसे ही मंत्री विजय शाह ने बयान दिया देश की बेटी पर तभी उसे तत्काल प्रभाव से मंत्री पद से हटा देना चाहिए था लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने ऐसा नहीं किया । आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने ही इस विवादित टिप्पणी को गंभीरता से लिया और मंत्री विजय शाह को लताड़ा । देश के हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है लेकिन उसकी भी सीमाएं हैं । आम नागरिकों के साथ ही राजनेताओं को भी अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाहिए । उन्हें ऐसी भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए जो भड़काऊ अपमानजनक या नफरत फैलाने वाली हो । अभिव्यक्ति की आजादी तो है मगर उसकी भी सीमाएं हैं इसलिए राजनेताओं को मानहानि के कानूनो का सम्मान करते हुए ऐसी टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए जो किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाये और उन्हें सार्वजनिक मंचो से ऐसे भाषण भी नहीं देने चाहिए जिससे देश में नफरत फैले और विभिन्न धर्म संप्रदाय व जाति के लोगों के मध्य तनाव का वातावरण बने । उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंत्री विजय शाह पर की गई गंभीर टिप्पणी से भारतीय राजनेता व आम जनता सबक लेकर ऐसे बयान देने से बचेगी जिसे देश का वातावरण खराब ना हो ।। डॉ राजेंद्र यादव आजाद दौसा राजस्थान मोबाइल 94 1427 128
डॉ राजेंद्र यादव आजाद 12 अगस्त 1971 बेवल ज�...