मेरे अंतर का सुख
मेरा दुख कैसे!
जीवन के अनमोल बिंदु से,
मैं विचलित कैसे!
संशय और समाधान में,
बिखरा जीवन पल पल,
समय अगर रुक जाए तो,
ना सोच� read more >>
एक दिन सहसा...।
मेरी कानों में आकर धीरे से,
बहती हवा ने कहा"क्यों खामोश
बैठो हो?जरा मुझे बताना।"
सुनकर यह सवाल,
मैं पहले सहम गया।
क्या जव� read more >>