जिन्दगी को महोत्सव की तरह जीना है,
हर गम को खुशियों से निकाल देना है।
बड़ी ही नियामत से यह जीवन मिला है,
पल _पल इसमें हसी की रंग भरना ही � read more >>
तेरे श्रंगारों में मैं ही तो बसता हूं,
तेरी हर अदाओं का मैं ही तो दिवाना हूं।
और कोई चेहरा ना पहचानु,
तूं ही तूं चारों तरफ_
तूं ही तूं चा� read more >>
*🌻 सबकी अपनी-२ व्यथा🌻*
एक बार एक व्यक्ति के जेब में दो हजार रूपये 🌷(2000/-) का नोट एवं एक रूपये का सिक्का एक साथ हो गए...*
सिक्का अभीभूत होकर द read more >>
तू जिंदगी को जी,
उसे समझने की कोशिश ना कर..!
चलते वक़्त के साथ तू भी चल,
वक्त को बदलने की कोशिश न कर.!!
दिल खोल कर साँस ले,*
अंदर ही अंदर घुटने � read more >>