हस्ती तो बहुत देखी माँ तुझसे ज्यादा सुकून कहीं और कहाँ,
माँ भले ही सो लुंगी मखमल के सेज पर तेरे गोद से ज्यादा आराम कहीं और कहाँ l
माँ ये � read more >>
ये शाम...
उदास है,तन्हा है।
जानती हो क्यों?
क्योंकि, तुम नहीं हो।
ये शाम....
अजीब है, उत्साहहीन है।
रंगहीन और अनुपयोगी है।
जानती हो क्यों?
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नारी वह फूल है जो सबको खुशबू देती है,
नारी वह प्रकाश है जो सबको रोशनी देती है l
नारी एक ऐसी पेड़ है जो सबको छाया देती है,
नारी ऐसी फूल है ज read more >>