Ritvik Singh 26 Sep 2023 ग़ज़ल दुःखद #Google,#YouTube 42582 0 Hindi :: हिंदी
तुम जो इतना सजती सवरतीं हो इश्क़ है क्या किसी के लिये अच्छा रुको रहने दो ये चन्द बातें कल के लिये तेरे हाथो की वो खूबसूरत मेहँदी बता ज़रा किस के लिये हाँजी , अच्छा, ठीक है, बातें तो करनी है पर चंद बातें कल के लिये आज तो इश्क़ मनाने आये है तेरी रुसवाँ गलियों में …किसके लिये अच्छा दुश्मन नहीं उनसे चन्द बातें कल के लिये मोहब्बत के सफ़र के लिये रवाना हुए है…बताओ किसके लिये तेरे गाँव का सफ़र नहीं वे चन्द बाते कल के लिए…… अब सारे ज़ख़्म इन पेड़ो के पत्तो की तरह झड़ गये .…किसके लिये मत पूछो बस यें .…चन्द बाते कल के लिये………? ऐ-परिंदों मुझे घर भी जाना होता है इतनी गुफ़्तगू किसके लिये .… क्या कहा सारे राज़.… नहीं यें चंद बातें कल के लिये वो दरियाँ मुझसे पहलियों में घण्टो घण्टो तक बातें करता है…भला किस के लिये बता दी सब बातें पर चन्द बाते कल के लिये………? :- Ritvik Singh