Anilkumar Rathwa (Sameer) 07 Jun 2026 ग़ज़ल देश-प्रेम #google#bing#chhotaudepur#instagram 2011 0 Hindi :: हिंदी
नौजवानों! ज़रा इस दौर की तहज़ीब तो देखो, कुर्सियों पर बैठे हुए ये चेहरों के फरेब तो देखो। जड़ें खोखली कर दीं इन्होंने वतन की बरसों से, भ्रष्टाचार के साये में पनपते ये बदनसीब तो देखो। मेहनत की कमाई पर इनका हक़ नहीं बनता, पर हर दफ्तर में इनका शोर-ओ-ग़ुल-ए-एब तो देखो। इंसाफ की तराजू जब ये जेब में रख लेते हैं, कानून की आँखों पर बंधी वो पट्टी का सलीब तो देखो। यही वक्त है कि तुम अपनी आवाज़ बुलंद करो, सोए हुए जमीर को जगाने की ये तरकीब तो देखो। भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है अब हम सबको, इंकलाब की राह पर चलते ये नौजवानों के करीब तो देखो।