राजनीती का सच – रविकांत अग्रवाल

राजनीती का सच – रविकांत अग्रवाल

दोस्तों वर्तमान समय में राजनीति की हालत दयनीय हो चुकी है ,कुछ असामाजिक तत्वों के कारण लोगों का राजनीति से विश्वास उठता जा रहा है । ना तो राजनीति में विश्वास बाक़ी रहा ना कोई उमीद । झूठे जुमलेबाज़ी से लोगों के सपनो को साकार करने की बात कहकर सताधिकार पा लिया जाता है ओर
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गणतंत्र – मनोज कुमार

केसरिया आंखो का नूर लगता है स्वेत हिमालय जैसे बर्फ से ढका हो गणतंत्र के पर्व का चेहरा दिखता है हरा रंग है हरियाली बनकर नीली बहती जलधाराओ के किनारे एसे ही तिरंगा और गणतन्त्र हँसता हुआ सम्पूर्ण लगता है -मनोज कुमार 0

सफलता पाने के लिए लक्ष्य निर्धारण जरूरी – सुशील कुमार शर्मा

दोस्तों सफलता हासिल करने के लिए हमे अपना एक गोल , एक लक्ष्य बनाना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि कुछ भी काम करने से। पहले हम उसे अपने माइंड में सोचत्ते है फिर करते है , जैसे आपको कल कहीं जाना है तो आज आप माइंड में थोड़ा सोचोगे की हाँ में कल वहां जाऊंगा उसकी
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आप भी अपना जीवन बदल सकते है स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग – गौरव किशोर सक्सेना

स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग आप भी अपना जीवन बदल सकते है स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग 12 जनवरी 1863 के दिन विश्वनाथ दत्त के घर एक नये मेहमान का जन्म हुआ जिसका जीवन पूरे भारतवर्ष के साथ सम्पूर्ण विश्व के लिए आदर्श बन जायेगा ऐसा किसी से ने सोचा नही
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मजहब – मनोज कुमार

मजहब बस सोच की एक दीवार है , जि‍से तोडने के लि‍ए वि‍चारों की छेनी चाहि‍ए होती है , हम उन परि‍न्‍दों से क्‍यो नही सीख लेते जो सरहद पर बैठते वक्‍त ये नही देखते की उनका आधा शरीर हि‍न्‍दुस्‍तान में और बाकी आधा कि‍सी और मुल्‍क की हब में है | मानो कह रहा
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दुनिआ का सबसे ज़हरीला चीज है गुस्सा – दिशा शाह

गुस्सा दुनिआ का सबसे ज़हरीला चीज है . गुस्से से सब कुछ तबाह हो जाता है . इसका जिम्मेदार कोई और नहीं हम खुद होते है .लोगो का कहना है की गुस्सा आ जाता है . लेकिन हकीकत में गुस्सा आता नहीं है हम खुद करते है . फिर गुस्से का नतीजा हम को ही
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जीवन की सबसे बढ़ी सीख – ओमेंद्र सिंह

एक समय की बात है, एक जंगल में सेब का एक बड़ा पेड़ था. एक बच्चा रोज उस पेड़ पर खेलने आया करता था. वह कभी पेड़ की डाली से लटकता, कभी फल तोड़ता, कभी उछल कूद करता था, सेब का पेड़ भी उस बच्चे से काफ़ी खुश रहता था. कई साल इस तरह बीत
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हिंदी भाषा का मूल्य – दिशा शाह

आज की पीढ़ी /जनरेशन में अंग्रेजी भाषा का महत्व बहुत ही ज़्यादा हो रहा है , सब स्कूल , कॉलेज , जॉब में अंग्रेजी बोलना , अनिवार्य हो गया है , अंग्रेजी नहीं आती तोह अच्छे स्कूल , कॉलेज पर एडमिशन नहीं मिलता . अंग्रेजी बोलना आता ना हो अच्छी जॉब नहीं मिलती . इसलिए
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Go Away – Sharanjeet Kaur

Go away!!!!!!!!! from the world and let start to know about yourself, 1. who are you. 2. why you come in the world. 3. what is your aim. 4. what is your weakness. 5. what is your strength. 6. what is your talent. If you find answers of these 6w questions then you will success.
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Attitude – Sharanjeet Kaur

Your attitude should be like a book, if you allow read this, then person can read this. if they pay cost of book then they can read your story . your attitude should not be like waste paper everyone can pick up and read your life story. Sharanjeet Kaur 0

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