तुम्हे तुमसे भी ज्यादा चाहने लगा हूँ,
तुम्हे तुमसे भी ज्यादा जानने लगा हूँ |

जब से तुमको देखा है मेरी दुनिया ही बदल गई,
ख्वाबों ने लिया ऐसा रूप और तुम मेरी बन गई |

चलो आओ एक नए रिश्ते की बुनियाद रखते है हम-तुम,
प्यार के इस राह में एक बार खुद को आजमाए हम-तुम |

जब से तुम मेरे जीवन में हो आई,
मुझे हर चीज बदली सी दे रही है दिखाई |

अब तो मैं तेरी चाहत की खुशबू से अपनी सांसो को महकाता हूँ ,
देखता हूँ जब भी आईना तुझको ही सामने पाता हूँ |
आओ अब उम्र भर के लिए एक-दूजे के हो जाए हम-तुम,
इस रिश्ते को मजबूत बनाए हम-तुम |

 Sachin Om Guptaसचिन ओम गुप्ता,
चित्रकूट धाम

प्रेम की कविता – सचिन ओम गुप्ता
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