Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

आप अपने आज़ के लिए जीएं।

प्रवीण कुमार 28 Oct 2025 कविताएँ राजनितिक 4433 0 Hindi :: हिंदी

आप अपने आज़ के लिए जीएं।
फिर कह सकते हैं, कोई तो बात है।
जो आप में ही खास है।
अकेले तो नहीं हो,
शायद! इसके साथ आपका विश्वास ही है।
ऐसे ज़ीने की कोशिश एक उमंग खाश है।
आप अपने आज़ के लिए जीएं।
शाम के डूबने वाले सूरज की लालिमा; 
अपने आप में खास है।
रोज़ कोई जिदद् भी नहीं 
हां! आप के लिए खुद को ,
अहमियत देने का तरीका खाश है।
आप अपने आज़ के लिए जीएं।
माना कि परिवार में कोई काम भी जरुरी हो सकता है ।
जो होता ही रहता है।
लेकिन खुद को अहमियत ना दे सका,
वो जीवन क्या कहलाता है? 
मैं तो निष्पक्ष ही कहुंगा -
आप अपने आज़ के लिए जीएं।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: