Sonit Prajapati 30 Sep 2024 कविताएँ प्यार-महोब्बत 9486 0 Hindi :: हिंदी
तेरे दिल के किले का कोई और ही राजा है। तुम हो उसकी मुमताज़ वो तेरा शाहजहाँ है। अरे ! मै वो इंसान हूँ , जिसके दिल का एक ही दरवाज़ा है, ना चाबी है तेरे पास ना तेरा ठीक इरादा है। जब प्यार तुम्हें महसूस हुआ , ख़ुदा को ना मंज़ूर हुआ , जब मै दुनिया में न रहा , तब तूने इश्क़ कुबूल किया। तू रोयी अब देर हुई , पहले किया न प्यार साँझा , तू तन्हा रह गई दुनिया में , खो गया तेरा राँझा। तू रोती रही चिल्लाती रही , सपनों के फूल खिलाती रही , अब सपनों की उस दुनिया में , ख़ुद ही ख़ुदी से - बात पर बात करती हो , कहती हो - 'सोनित' ही मेरा राजा है। पर अब तो दिल बहलाने को , यादों का ही तक़ाज़ा है। लेखक सोनित प्रजापति।