Kranti Raj 09 Feb 2024 कविताएँ समाजिक आज की वर्तमान स्थति के अनुसार ऐ कविता आपलोग के सामने प्रस्तुति 10702 0 Hindi :: हिंदी
काहो फेकु चाचा कब तक मुर्ख बनइव
झुठा भाषण के रच के कब तक रास रचइव
काहो फेकु चाचा कब तक मुर्ख बनइव
जे थाली में खैलु छेद कर दिहलु
फ्रिरी राशन के नाटक कर सब के अझुरइल
काहो फेकु चाचा कब तक मुर्ख बनइल
चंद यारो की यारी जनता के कर दिहल खाली
मोटी रकम लेकर भागने वालो को
सुद तक माफ करइल
काहो फेकु चाचा कब तक मुर्ख बनइव
पलटु की सरकार यहाँ गददारो की टोली
कुर्सी के बचावे खातीर राम राज्य गोहरइल
मनु मठ की मंत्र के खातीर हिन्दु राष्ट बनइल
काहो फेकु चाचा कब तक मुर्ख बनइव
काला धन न बापस लाया
हर जनता पर एक लाख चालिस हजार कर्जदार बनइल
कल्याणकारी योजनाओ पर अपना नाम छपइल
काहो फेकु चाचा कब तक मुर्ख बनइव