Rajesh Kumar Sen Raj 22 Sep 2024 कविताएँ अन्य Guru ki mahima 8439 0 Hindi :: हिंदी
*गुरु है तो* गुरु है तो संसार है गुरु है तो प्यार है घने अंधकार में भी दीपक का प्रकाश है मन का विश्वास है दिल का एहसास है सुंदर मार्ग का संगीत है हर शब्द में मीत है प्रीत है ज्ञान का लक्ष्यदीप है गुरु के ही हाथों में संसार की कमान है गुरु के चरणों को शत-शत प्रणाम है गुरु है तो विश्वास है गुरु हेतु सब पास है गुरु से ही आस है गुरु जो अपने पास है तो मंजिल की क्या बात है एक सुंदर सा एहसास है ना हो कोई लक्ष्य अधूरा सब कुछ उसके हाथ है गुरु सुंदर साज है गुरु शिष्य का सरताज है गुरु वह जो कभी मन की न होने दे शाम है गुरु के चरणों में शत शत प्रणाम है गुरु है तो रास्ता है गुरु है तो मंजिल का वास्ता है सितारा है नजारा है सागर से तकदीर का किनारा है गुरु ज्ञान का मेघ है बरसाते निस्वार्थ ज्ञान का राज है मानो तो भगवान है मानो तो अरमान है गुरु के चरणों को सत सत प्रणाम है। लेखन और रचनाकार राजेश कुमार सेन *राज* उच्च माध्यमिक शिक्षक शास कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुवारा