Saurabh Sonkar 04 Oct 2025 कविताएँ समाजिक क्षत्रियों का योगदान 3588 0 Hindi :: हिंदी
क्षत्रियों का योगदान स्त्रियों की रक्षा से लेकर इस देश की सुरक्षा तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। संस्कृति के संरक्षण से लेकर दलितों पिछड़ों के आरक्षण तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। अत्यधिक संहार से लेकर तलवार की ललकार तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। हष्ट-पुष्ट कायिक से लेकर सामाजिक न्यायिक तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। मानवीय कृत्य से लेकर न्यायिक चरित्र तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। भीम सा क्रोध से लेकर ब्राह्मणवाद के विरोध तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। साधु सा प्रार्थना से लेकर धर्म की स्थापना तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। समाज के आधार से लेकर सभ्यता के विकास तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। रणभूमि में ललकार से लेकर देश के निर्माण तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। रूढ़िवाद के विरोध से लेकर प्रगतिवाद की सोंच तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। दान और परोपकार से लेकर साहस और वीरता तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। पाखंड के विरोध से लेकर धर्म की सुरक्षा तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। कुलदेवी की सत्ता से लेकर न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। स्थानीय आवास से लेकर भारतीय मूलनिवास तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। आक्रांताओं के विरोध से लेकर संघर्ष और प्रतिरोध तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। ज्ञान के बोध से लेकर खोज और शोध तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। सामाजिक मेल से लेकर अंतर्राष्ट्रीय खेल तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। प्रजा की रक्षा से लेकर राज्य की सुरक्षा तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। अखण्ड भारत के निर्माण से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। क्षात्रधर्म की रक्षा से लेकर समाज की सुरक्षा तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। विश्वामित्र बुद्ध से लेकर वीर शिवा जी के रूप तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। मगध मौर्य साम्राज्य से लेकर अवध के इतिहास तक में क्षत्रियों का अहम योगदान रहा है। - सौरभ सोनकर