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तिरिया

Bholenath sharma 17 Jul 2023 कविताएँ समाजिक तिरिया 9318 0 Hindi :: हिंदी

मृदुभाषिणी हो तुम                                     श्रमजीवी अथक हो तुम ।                              वैभव की देवी तुम                                    सत्यनिष्ठ प्रवृत्ति की तुम ।                                त्याग समर्पण की प्रतिमा तुम                        इस वसुन्धरा की जननी तुम ।                     सहनशील धैर्यवान हो तुम                               त्रिलोक में महान हो तुम ।

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