कविता = ( उदर कुंड )
उदर कुंड में क्यों धधकाई !
भूख की यह प्रचंड ज्वाला !
सब कुछ हुआ सुहा मेरा !
किस -‌ किस का दूं हवाला !
बस कश्मकश रोटी की !
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कविता = ( दरकार )
निष्काम सेवा से नहीं चलता परिवार !
पेट को रोटियों की है दरकार !!
खाली ख़ज़ाना नहीं चलती सरकार !
भूखे पेट भजन कैसे होए मेर� read more >>