अंतिम, आशा ,के, फूल,लूटा रही हूँ,।
कविता हूँ,।मैं,, देह ,अपना, जला कर।
पथ, के, अंधकार को डरा रही हूँ,।
बड़ी ,भयावह रही ,इक घटना ,।
कागज तो बहा,प� read more >>
एक गांव में एक मकान था जिसमें एक छोटा - सा परिवार रहता था।परिवार में कुल 4 सदस्य थें मां- बाप और उनके दो बच्चे दोनों ही लड़की थें।उन लोगों read more >>
छूत - अछूत का पता नहीं ,
न मित्र ने मुझे सिखाया ,
उस दो बूंद - छूत पानी ने ,
मुझे मौत के गले मिलाया ।
मुझे पता नहीं था .................
मुझे पता न� read more >>