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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब के मन में स्वार्थ भरा हुआ है अब मोहब्बत मिल भी जाए तो वफा कौन करेगा।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
इज्जत को भी पैसे के जैसा तरबियत दो शाहब,क्योंकि इज्जत और पैसा दोनो को कमाया जाता है खरीदा नही जाता।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
आज जो हमे बेकार समझ रहे है कल बही लोग मेरी काबिलियत पर ताली मार कर मेरी पहचान बताएंगे।
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*💐💐बुढ़ापे की नजदीकियाँ*💐💐 ***प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह****
*🌳🦚आज की कहानी🦚🌳* *💐💐बुढ़ापे की नजदीकियाँ*💐💐 ***प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह**** निगम साहब पिछले बीस मिनट से पूरे घर में हड�
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एकावली छंद "मनमीत"
किसी से, दिल लगा। रह गया, मैं ठगा।। हृदय में, खिल गयी। कोंपली, इक नयी।। मिला जब, मनमीत। जगी है, यह प्रीत।। आ गया, बदलाव। उत्तंग, है चाव।।
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चौपई छंद "चूहा बिल्ली"
(बाल कविता) म्याऊँ म्याऊँ के दे बोल। आँखें करके गोल मटोल।। बिल्ली रानी है बेहाल। चूहे की बन काल कराल।। घुमा घुमा कर अपनी पूँछ। ऊपर न
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गंग छंद "गंग धार"
गंग की धारा। सर्व अघ हारा।। शिव शीश सोहे। जगत जन मोहे।। पावनी गंगा। करे तन चंगा।। नदी वरदानी। सरित-पटरानी।। तट पे बसे हैं। तीरथ स�
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"अद्भुत सावन"
कविता "अद्भुत सावन" सावन मास बड़ा निराला। हां पल पल में घटाएं छाती।। थे बिन पानी मुरझाए चेहरे। कब धरती भी
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Acter
वो एक्टर जो दूसरों को नसीहतें देता था, एक दिन उसे भी पान-मसाले का एड मिल गया.
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Kabja
वो ग्रह जिस पर हमने अपने ख्वावों का घर बसाया था, उस पर भी कब्जें की होड़ शुरू हो गयी हैं.
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Thagi
हमारे प्यार में आखिरकार ठगी तो होनी ही थी, तुमने अपने माँ - बाप को ठगा था , मैनें अपने.
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फटी चप्पल
अपराजिता घड़ी की अलार्म से हड़बड़ा कर उठती देखती 7:00 बज गई वह कहती मैं इतने देर तक सोते रही रात में मेरा बेटा संजय ने मेरी पैर की मालिश कर
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