जब ,मेरे ,देश की बात होती है,।
मेरी ,आंखों में,इक स्वतंत्र ,निश्च्छल किताब होती है,।
बेशक सरहद के उस लहराते तिरंगे से,
मेरी क्षण भर की मुल� read more >>
दीपा और शिखा दो सहेलियों की अचानक - सी मुलाकात हो जाती है,दोनों एक- दूसरे को देखते ही गले से लगा लेते और कहते" कितने वर्षों के बाद तुमसे read more >>
शीर्षक ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
(अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम)
देश के सपूत थे, देश के लिये अटूट थे।
भाई चारे का दिया सन्देश। कर गये ह� read more >>
आज भी मेरा सीना भले ,तेरे ,नाम का होगा,।
पर मेरा ,जीना , अपने स्वाभिमान का होगा,।।
बिखरे सीसे की क्या ,?भनक सुनते हो,।
टुकड़ों में देखना ,ज़ read more >>