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सावन की बारिश
* सावन की बारिश * सावन की रिमझिम बारिश में सजनी तुम्हारे साथ में पानी में भींगने का मेरा मन कर रहा है।। घने काले बादलों की ये घटा छा र�
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ठुमका
लड़का :- बना के मुझे झुमका लगा दे बेबो देसी ठुमका चाँदनी गुलबदन अंग - अंग में खिली क़मर चिकनी तेरी कमर मत कर अगर - मगर बना के मुझे तेरी पाय
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छोटी सी जिंदगी
बहुत कुछ कहना चाहते थे पर न जाने क्यों एक भी शब्द कह न पाए ए जिंदगी तुझ से शिकायते बहुत है कई अधूरी बातें बहुत है जिंदगी की परेशानि�
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
खुद सच नही बोलते लेकिन सच बोल दो तो झूठ समझने लगते है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
नजर पाक रखो शाहब नियत खुद व खुद पाक हो जायेगी।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिस रास्ते से इंसानों ने जन्म लिया है,आज उसी रास्ते को पाने के लिए अपनी इज्जत को दाऊ पर लगाए हुए है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
क्यूं जीना चाहते हो खुदा बनोगे या खुद खुदा को बनाओगे।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
घोर अपमान हो रहा है लोगों की, आज अच्छाई का चोला पहन रहा है, कल बैईमान का पौशाक पहनेगा।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मुझे जीने की चाहत नही है शाहब क्योंकी जीना बही लोग चाहते है, जिसे मरने की चाहत नही होती है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
प्रोब्लम नजरों में नही है शाहब सोचों में है, क्योंकि हया सोंच का अपना ही यार है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
क्यूं पढ़ाई करू शाहब,क्योंकि पढ़े लिखे लोग ने ही मुझे बत्तमीज बना दिया है।
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Writer by iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं बेरोजगार नही हूं शाहब, क्योंकि मेरे अपने गमों ने ही मुझे रोजगार बना दिया है।
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