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ये रातें तुम्हारा ही ख्याल बढ़ाती हे ख्याल इस तरह बढ़ जाता हे हर मोसम में सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता हे, और तुम कितने अच्छे लगते ह� read more >>
मत छूओ छाया को अब बिखर जाने दो/ इन काले बादलो को आसमान में उड़ जाने दो, मत छूओ छाया को अब बिखर जाने दो/ तिन - तिन बिखरती इन गर्मियों को आ� read more >>
नहीं ज्ञान जिस विषय का, उस संदर्भ में कुछ कहना । विकल्प नहीं कोई, खामोशी से बेहतर है ।। भुलाकर गमो के पल को, सीखो आज में तुम जीना । जिं� read more >>
प्रकृति किलेबंदी नदी नहरो से वो सिंह द्वार है मैं यहीं का हूं नहीं शिखरो से है अभिनंदन करने दो शेर खड़े कोयल गाती स्वागत गीत और नृत� read more >>
भक्त नामदेव प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर....करण सिंह *कन्धे पर कपड़े का थान लादे और हाट-बाजार जाने की तैयारी करते हुए नामदेव जी से पत्� read more >>
ओ! मेरी लाड़ली ओ! मेरी नन्ही परी डरी थी मैं जब तु आई थी परी डरे थे तेरे बाबा भी तु जब आई थी परी ज़माने की गंदी निगाहों स read more >>
कविता-ख्याल ख्याल आता है क्षण भर के लिए न जाने क्यों रुकता नहीं पल भर के लिए भूलता नहीं भूल पाता नहीं हूं वह रिस्ता जो पहली बार पहल� read more >>
तमीज तो देखो मेरे इश्क की उसे पाने के लिए मैनें तावीज़ पहना है read more >>
माजीद को याद करूं यह मुस्तकबिल के ख्वाब बूनुं तू ही बता , खुद को तेरे पास कसे महसूस करूं read more >>
कुछ बताना है तुम्हें मेरे बिना बोले सुन पाओगे क्या इश्क होने का दावा करते हो तुम अगर मैं कभी मजबूर हुई तब अकेले निभा पाओगे क्या चुनना read more >>
जो पहले ही कदमो में लडखडा जाये वो चाल ही क्या ? जो तेज भी दौडे और मंजिल तक न पहुँचे वो रफ्तार ही क्या ? जो चहरा देखकर मुँह फेर ले वो प्यार read more >>
सच्ची है, नहीं तकिया- कलाम। गुलामी, तुझे सलाम। कोई धर्म का, कोई कर्म का, कोई शर्म का गुलाम है। कोई आदत का, कोई मत का, कोई हरम का गुलाम है। क read more >>
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