अपने आंचल की छाओं में,
छिपा लेती है हर दुःख से वोह
एक दुआ दे दे तो
काम सारे पूरे हों..
अदृश्य है भगवान,
ऐसा कहते है जो..
कहीं ना कहीं एक सत� read more >>
# मां ...
मां दिवस पर
क्या लिखूं मैं
मां के बारे में ...!
मां तो है ,
तो है सब कुछ ...
मां नहीं तो
ये जीवन झूठ ...
मां के जैसी ,
यहां कोई नहीं ...
म read more >>
आज के दिन को हम मातृ दिवस के रूप में मनाते है ताकि हमें जन्म देने वाली माता को सम्मान दे सकें, हर कोई अपनी माता से प्यार करता है हमारी संस read more >>
पसीने की क़ीमत, किसने आंकी?
हाथ कुदाली, सिर पर परात, दिखती श्रम की झांकी।
पसीने से ही, धरती का दामन पसीजता है।
चोटी से एड़ी का पसीना, धरा � read more >>
Jab aankh khuli to maa ke aankhoo ka ek tara tha meri ma ka anchal mujhko bhu Mandal sa pyara thaa Me apni maa ke ankhoo ka Tara tha jo Mai has deta to maa ka pora din tyohar ban jata tha vo raja beta khahti thi me Har baat pr muskata tha khub hasata khub Stata pairo se khub prhaar kiyaa maa ne apne man me ek sundar khvaab sajaya tha Mai apne read more >>