फांसी की रात जोकि बहुत दुखदाई होती है लेकिन ऐसा वो वीर जिनको मरना मानो सहज लगता हो । पर फक्र है हम आजादी के लिए मर रहे हैं क्योंकि ह� read more >>
हे गोविंद, हे गोविंद, हे गोविंद ,मेरे गोविंद
राख शरण मोहे गोविंद!
भूल गई मैं सब कुछ अपना
थाम ले अब तु मुझको गोविंद
हे गोविंद, हे गोविंद ,� read more >>
तब लैंडलाइन फोन का जमाना था। एक दिन मेरा पड़ोसी मेरे घर आया और दर्दभरे लहजे में बोला, ‘‘मेरा फोन काफी दिनों से ‘डेड’ पड़ा है। ‘सूं read more >>