“उफ़! उफ़! मेरा इतनी सारी स्त्रियों से शादी करने का क्या फायदा जब भगवान ने मुझे उनसे एक बेटा भी नहीं दिया। अगर मैं मर गया तो मेरा नाम तो इ� read more >>
चाहे कितने गम के पहरे हो,
कितनी मुश्किलों ने घेरा हो,
मां -बाप ही संभालते हैं,
हर कोई छोड़कर चला जाता है,
मां बाप से बढ़कर बिना स्वार्थ क� read more >>
हम जीत में तेरे साथ थे,हार मे तेरे साथ है
तन्हां ठगा आज खड़ा हूं,हाथ पर रख कर हाथ है
क्या समझूं मैं किसको अपना,होता न विश्वास है
अब क्या � read more >>
बार बार कलम उठाई सोचा की कैसे लिखू,
लिखना चाहा ज़ब एक माँ हाल
कलम चली पर लफ्ज़ ना मिले
कहा से सुरु करू क्या क्या मै लिखू,
भ्रूण हत्या के ना� read more >>
लड़की :-
रूक जा ठहर जा ज़रा हे हसीना
तेरी दुपट्टा के नीचे क्या है
अरे हम को भी ज़रा दिखाना
लड़की :-
अरे मेरी दुपट्टा के नीचे सीना
जिस में छिपी read more >>
हर शाम क्यूं छत से देखती हो...
कुछ कहना है तो कह दो ना!
अगर तुम्हें डर लगती है...
तो फिर चिट्ठी ही लिख कर देदो ना!!
जब भी तुम्हें देखा है मैं� read more >>
एक व्यक्ति अपने आप को सब से अधिक झानवान एंव चतुर समझता था | कोई भी उससे वार्तालाप करता तो वह अपने आप को होशियार दिखाने के लिए, उस की बात क� read more >>