"भरोसा".....✍️
"अब मैं तुमसे लड़ना नहीं चाहता,अब इस रिश्ते को खत्म करना चाहता हूँ, भरोसा किया था,एक और भरोसा टूटने के बाद,अब वो भरोसा कहाँ से read more >>
आज माँ बहुत उदास थी। एक तरफ इकलौती पोती की शादी थी दुसरी तरफ बेटे ने ऐसा कह दिया था जिसकी कभी आशा नहीं की थी। मेरे पापा दो भाई थे। दादा जी read more >>
सर से उठा जब पिता का साया !
क़ीमत उनकी तब जान पाया !!
छीन गई जब पिता की गोदी !
शहंशाही अपनी मैनें खो दी !!
राजपाठ अपना सारा गंवाया !
शहंशाह� read more >>
ये ज़िंदगी बस दर्द है !
ये सांसे ही मर्ज़ हैं !!
हमको देकर ज़िंदगी !
हमसे वसूला कर्ज़ है !!
ये ज़िंदगी बस दर्द है !
ये सांसे ही मर्ज़ है !! read more >>