कभी कभी लगता है की अपनी किस्मत दो रुपए की उस लिखो फिको पेन की तरह हो गई है
जब तक स्याही है तब तक उस पेन का वजूद है , स्याही खत्म पेन का वजू� read more >>
तेरे नाम पर बिती ये आधी जिंदगी
अब तो आजा वे,मुजपर छा जा वे
आजा वे आजा आजा आजा
तेरी हि परछाई हैं,,
कुच्छ ही दिन के है महमान
तेरी मेहरबानी � read more >>