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सारे जहां की हंसी-मैं तेरे लबों पे सजा दूं
सारे जहां की हंसी, मैं तेरे लबों पे सजा दूं । मैं तुझको जिन्दगी के, सारे मजा दूं । मेरे जैसे लाखों हैं, पर तुम लाखों में एक हो- औ
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दिल टूटा जबसे प्यार हुआ बदनाम
दिल टूटा जबसे प्यार हुआ बदनाम, लोगो के तमाशे ने दिल तोड़ समाज की कुरितियों ने मुंह जोड़ लिया ए दिल संभल जा बेवफा से वफा की उम्मीद छोड़ द�
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इतनी सर्दी है कि-जीना मुहाल हो गया
इतनी सर्दी है कि, जीना मुहाल हो गया। सारी शक्ति जैसे, लगता है पानी हो गया। ये कैसा गजब हो रहा है, अजब हो रहा- अब तो मिलवाट का ही, न�
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मैं जो गीरूँ कभी जीवन के सफर में-ईश्वर हमें थामलेना
मैं जो गीरूँ कभी जीवन के सफर में, ईश्वर हमें थामलेना। यूँ तो हौसला बुलंद है, पर तुम साथ हमेशा ही देना । मोहब्बत का मैं सौदागर, औ�
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वक्त कैसा भी आये,-छुटे न कभी अपना ईमान
दुश्मन जो मूँह खोलेगा, तोड़ देंगे उसका गुमान। प्यार लिए प्यार दुष्मनों के लिए, तलवार मेरी जुबान। जिन्दगी के सफर में,अस्त्र - शस्त्र
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मुस्कुरा के ओ दिलरूबा-दर्द उल्फत का दे गई
मुस्कुरा के ओ दिलरूबा, दर्द उल्फत का दे गई। खुशियाँ दे कर हमको, वो गम सारा ले गई । जो है खूबसूरत हसीना, और बहारों की मल्लिका- मे�
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बैठो रजाई में सिकुडो- सर्दी में कुकरावै
बैठो रजाई में सिकुडो, सर्दी में कुकरावै ! बुढिया घर में भात बनाऐ,बुड्ढा बाहर से डकरावै !! ऐरी लाये दे दियासलाई ,थोड़ी घास में बारूं ठंड �
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भारत बने हिन्दू राष्ट्र हमारा
कविता = ( भारत ) भारत को गर भारत पुकारा तो क्या ! वर्षों की चढ़ी गर्द को उतारा तो क्या !! यह भरत का भारत यह देवों की देव भूमि ! जय श्री राम क�
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हिन्दुस्तानी हे हम-गर्व हे हमें अपने वतन पे
हिन्दुस्तानी हे हम गर्व हे हमें अपने वतन पे। ना कोई भी मान ,ना अभिमान पाते हम शान अपने वतन से। हिन्दुस्तानी हे हम गर्व हे हमें अपने व�
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बादल बरन-ये छलियों के छली ऐयारों के ऐयार
ये छलियों के छली, ऐयारों के ऐयार। कभी गज, कभी ऊंट, कभी घोटक सह सवार। कभी पौधा, कभी दरख़्त, बिन जड़ आधार। कभी रूई, कभी उलटते, कोह से आकार।
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अक्सर लोग बहाने ढूंढ़ते हैं-जब तुमसे उनको दूर जाना रहता है
अक्सर लोग बहाने ढूंढ़ते हैं जब तुमसे उनको दूर जाना रहता है पर कभी वो खुद को दोष नहीं ठहराते ,तुमपे ही कुछ नुक्स निकाल कर चले जाते हैं
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आजकल सोचते हैं बहुत-शायद वो पल कभी तो आएगा
आजकल सोचते हैं बहुत शायद वो पल कभी तो आएगा जब वो भी हमें याद करके अपने आंसू बहाएगा तड़पे हैं जितने हम कभी उसे भी दर्द वो सताएगा जिस �
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