मंत पुँछ, नशें मे, ... ..
कैसे सालों तक मैं जीया ?
हवा मे उड़ते छल्ले से
ये घुंऐ के गुंबार
किस्मत की बेरुखी ,
और अपनो के तानों ने
ये नायाब श read more >>
"तू नहीं तो जीवन-
में एक सुना पन है"!
"लगता है ए-जहां-
में कहीं सुना पन है"!
"ये तुम्हारी याद-
अब दिल से जाती नहीं"!!
"कभी ये सरगम-
लिखा था क� read more >>
न जाने राही-
कितने इस राह पर...
एक कहानी-
बन जाते इस राह पर...
ज़िंदगी सुलझता-
नहीं उलझता जाता है यहां...
भटकता-
जीवन गुज़र जाता ए-कहां?...
-� read more >>