Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
संध्या की लाली में जो समुंद्र का रंग हैं उसका चमक हैं बचपन..! हवा में लहरा ते हुए मदहोश फिजाओं के फूलों का मेहक है बचपन..!! ख्वाहि� read more >>
"जिसने- जीवन को बेहद, करीब से महसूस किया" "उसने- सुंदर मानव तन, का बेहद सम्मान किया" "हीरा सम तन एक नायाब, तोहफ़ा बनाने वाले ने दिया " ह� read more >>
आहिस्ता-आहिस्ता- इश्क़ हुआ है ए-जिंदगी, तुझसे तसल्ली- दिल-ए-बाग है ज़िंदगी। मोहब्बत में अब- जरा पास क्या आया हूं तेरे, हर लम्हा- हसी read more >>
कभी-कभी न जाने क्यों ? मन को ऐसा लगता है । चांद की शीतल जैसा प्यार तुम्हारा । और सागर की जल सा खारा है। जीवन के इस सुने पल में न जाने क्� read more >>
मनुष्य के खेल निराले हैं हर पल बदलते चेहरे के अपने कुछ अंदाज निराले हैं वर्षों से यह धरती न बदली, यह अंबर न बदला पर हर पल बदलते चेहरे � read more >>
जाने कहां जाना है ,जाने किस तरफ जाना है । फिर भी दिल यह कहता है, इस गांवसे तो मेरा रिश्ता पुराना। है , अपने इस घर को जो मैं छोड़ कर। आगे च read more >>
यह उमड घुमंड कर आते जाते बादल कुछ मेरी कहानी कह जाते हैं आसान नहीं है इस जग में मन का पा लेना अंबर से आकर बादल मुझसे शायद कह जाते हैं ज� read more >>
In the intricate tapestry of society, five pillars stand tall: parents, teachers, preachers, leaders, and most importantly, children. These pillars once symbolized the guardians of ethics and morality, ensuring that the moral compass of society remained true. However, as we traverse the turbulent waters of modernity, these pillars seem to have weat read more >>
भविष्य से करें प्यार, किंतु न करें वर्तमान का तिरस्कार, मां पिता भाई बहन पत्नी प्रेमिका सगे संबंधियों यारों का मिल रहा है, तुझे वर्तमा� read more >>
"" सारे गुणों का मंथन करके मैं यह बदला ने आया हूं। कुछ गाथा है छिपी हुई जो मैं पृष्ठ पलटने आया हूं। एक काव्य था रामायण सुकेतु यक्ष की एक read more >>
"सिक्कों की खनखनाहट" "निकल आया हूँ,बहुत-सी जिम्मेदारियाँ छोड़ के,माँ का ख्याल,पिता की चिंता, बेटे जैसे छोटे भाई को छोड़ के,जिम्मेदारिय� read more >>
मैं मिट्टी का दीपक हूं नील गगन का तेज चमकता ना तपता मैं सूरज हूं, ना शहनशील ना हूं विशाल ना धरती का धीरज हूं। ऊॅंची ऊॅंची लहरों वाल read more >>
Join Us: