देशभक्ति कविता (Patriotic Poem)
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Desh bhakt poem i
स्वतंत्रता की ध्वजा लहराए,
वीरों की मेघा बरसाए।
देशभक्ति की ज्वाला जगाए,
राष्ट्र के गर्व को बढ़ाए� read more >>
वतन की धरती सोने की चिड़िया,
ध्वजा में लहराती शोभा देख देश की।
धन्य है वह भारत माँ, जिसकी मृदु सी धरती,
प्यारी है वह जननी, अमित ज्ञान की � read more >>
(मुक्तक छंद)
मिलने तुम आओ कभी,पिला नयन का जाम।
सावन की मधु रात में, हो जा मेरे नाम।
तुम मेरी हो प्रिय गजल,और मनोहर खास_
बनकर सावन की घटा,ब� read more >>
चलते - चलते ✍️✍️✍️
शायद कभी मिलें न हों..ऐसे 'किसी' से हम
जैसे कि मिल के आए हैं प्यासी 'नदी' से हम
दुनिया-जहान में थे..कभी 'लाज़िमी' से हम
र� read more >>