एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक बूढ़ा आदमी रहता था। वह अकेला रहता था और उसका अपना कोई परिवार नहीं था। उसके पास बहुत सारे धन और सं� read more >>
मिठ्ठी-मिठ्ठी .कर बाते
गर्म ,साँसो से ,दिल जल रहा है।
ढण्डी-ढण्डी बूंद से , ओहो.. हो....
जिस्म पिघल रहा है।
रिम-झम .रिम-झम ,
........सावन .........
बरस र read more >>
ना जाने इंसान कितने किरदार निभाते हैं
वफा का बात कर ,
पीछे से वार करते हैं ..!!
ना जाने इंसान कितने किरदार निभाते हैं ..!!!
चेहरे एक , रंग उस read more >>