छम छम बहता,
झरने का पानी,
टप टप गिरता,
झरने से पानी,
कुछ फूल बड़े सुहाने,
पानी में खिल खिल जाये,
कमल और महड़,
कितने सुंदर कितने प्यारे,
जब read more >>
मैंने कई बार कई जगह सुना है और पढ़ा भी है यहां तक कि मैंने देखा भी है कि समाज में स्त्रियों को बहुत जगह दबा के रखा जाता है मध्यम वर्गीय पर read more >>
आसमां में छाया बादल हैं,
काली काली घटा,
धूप का ना साया हैं,
चल रही हैं ठंडी- ठंडी हवा,
कितना मस्त नजारा हैं,
नन्हीं -नन्हीं बूंदें आई,
कित read more >>