सबको हक है खुलकर जीने का,
अपने सपने पूरे करने का,
बेटी हैं तो क्या हुआ,
उसको भी हैं हक जीने का,
कुछ बनने कुछ करने का,
जीवन में आगे बढ़ने का read more >>
बादल छाए घने, बरस रही है बूंदें,
गरजती है बिजली, चमक रही है बिजली ।
मन में आई है आनंद की भरमार,
सावन की रातों में, खुशियों की बहार।
पानी क� read more >>