(दोहा छंद)
मन वीणा के तार है, रखूं मध्य में साज।
गीत प्रेम का मैं सुनूं,कायम रहता राज।।
मन वीणा के तार सा, उड़े फिरे यह तेज।
रखता हूं सम्� read more >>
(एक हास्य कहानी)
बहुत पहले की बात है। एक गांव में एक परिवार के यहां सत्य नारायण पूजा का आयोजन रखा गया था। रात में पूजा होनी थी। दूर के दू� read more >>
बदला तो है। मेने ,नशीब अपना
देख,के
प्यार एक सपना ।
बदला तो है। ......३२ यार
ओहों.....
मेरी पहली चाल, में ..
अब मेरे ही ख्याल मे....चलने लगा है।
वक read more >>