लुटाता था कभी जो जान मुझपर।
अब वो किसी और पर लुटाता है।
खता ये नही की वो किसी और को चाहता है।
परेशानी ये है कि वो इसे पागल बनाता है।
@baba ji di read more >>
हमने जब तेरे सामने एक थाली देखी ,
हमने जब तेरे मुंह पर जुगाली देखी ,
पेमेंट सारा कर दिया होटल वाले का ___
हमने जब जेब तेरी खाली देखी ।
____ शि read more >>
ज़िंदगी और मौत के बीच
सांसों की एक लकीर है,
जन्म से यह लकीर बनती है
और मौत पर आ मिटती है,
सब कुछ इसके दो छोरों के बीच का खेल है,
कभी बचपन, क� read more >>
तरीक़े आपने ख़ुद ढूँढने हैं…..
मेरे पिता जी का ट्रांसफ़र सबदलपुर( सहारनपुर) से चौमुहां ( मथुरा ) सन् १९७७-७८ में हो गया, मैं उस समय छटवीं क read more >>
मैं इंटर करने के बाद आगे पढ़ाई के लिए सोच रहा था, मेरा मन इंजीनियरिंग करने का था, १२ वीं में विषय भी मेरे पास इंजीनियरिंग वाले ही थे. जबकि read more >>