मधुर व्यवहार और मीठा बोलना एक कला है...
जो हरेक के पास नहीं होता...
बोलने की कला श्रीराम से सीखो...
जहां रावण ने कड़क जबान से अपने सगे भाई वि read more >>
इधर पढ़ते हुए एक काम की चीज़ मेरे हाथ लगी । और जब मैंने उस प्रेरणा को अमल में लाया तो मेरा आत्मविश्वास भी ठीक-ठाक हो गया । हुआ यूँ कि हमने read more >>
खिदमत में पेश है!
जहां के-
इस सफ़र में फ़िरा,
करते हैं मुकाम वाले भी,,
चाह हो दिल में-
अगर गैब-ए-इल्म की,,
खुद-ब-खुद-
राह इनायत होते हैं,,
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