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आज संकुचन को मिटाकर चलो पथ गामी बने। है धरा निस्तेज अलौकिक रूप के स्वामी बने। हदय पर यह बोझ कितना, था ही उसका साथ कितना, मन की इस विचलि� read more >>
कविता = ( कलयुग ) कथनी करनी में फ़र्क़ हुआ ! यह कलयुग का प्रभाव !! कर्म हुए दानव जैसे ! बातों से भगवान !! भगवा भी बदनाम हुआ ! भगवे में शैतान read more >>
कशा या जगात मी वावरतोय .. आयुष्याबद्दल माझा अनुमान साक्षात जाणवतोय, ही जाणीव उल्लेखनीय आहे. वैयक्तिकरित्या मात्र सवेदना गोठवणारी आ� read more >>
इश्क़ की कोई बजह होती हैं प्यार क्या गजब होती हैं जब से देखा हैं सुना हैं तुझे सायद मोहब्बत तेरे जैसी ही होती हैं सच में तू मन मोहती � read more >>
अगर ऐसा होता तो सोचो कैसा होता तू तू ना होती मैं मैं ना होता तू मैं मैं तू होता तो सोचो तू साथ होता पास होता सोचो कैसा एह्शाश होता अ read more >>
समां जलाये रहो ख़ुशी के गीत गुनगुनाते रहो गम आए जाये सदा मुस्कुराते रहो दिन सा ढल जायेगा ये भी करवा बस महेशा सर उठा के जिओ रंग र� read more >>
मैंने देखा हैं उसे वक्त को हराते आशमा झुकाते गुथियाँ सुलझाते कठिन मार्ग में रास्ता बनते मैंने देखा हैं उसे लहरों पे आशिया बनात� read more >>
क्या दुख है कैसा है गम भारत के वीर हैं डरेगी नहीं हम मिला कर चलो कदम से कदम आंखें ना करो तुम नाम पूजा एक टुकड़ी हजारों इस काया की होगी नह read more >>
चूड़ियां और लडकियां चूड़ियां और लड़कियां, एक अनूठी कहानी, जैसे चंद्रमा की छाँव, बिखेरे रंगों की जवानी। चूड़ियां सजी, हाथों में खिल� read more >>
नज़र और नज़रिया नज़र और नज़रिया दो ऐसे शब्द हैं जो हमारे जीवन में गहरी संवेदनाओं और सफ़लता की नींव रखते हैं। ये शब्द व्यापार, साहित्य read more >>
बदनाम बाद में करना, पहले नाम तो होने दो। बिरोद्ध बाद में करना, पहले हिन्दू राष्ट्र तो बनने दो।।। read more >>
हरियाली ही कुदरत थी, रिश्तों से भरी थी। यूं चले गए परिंदे सभी, यूं पेड़ सुख चले।। -मोती read more >>
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