कविता- मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
दिनांक- 15/05/2023
दीपक बुझा दो कि रात होने दो,
मुझे अंधियारों में कहीं खोने दो।
टूट गया हूं अपनो की read more >>
एक इंसान होता है। और सुबह घर से काम के लिए निकलता है। चलते चलते रास्ते में एक गाड़ी वाला कुछ चीजें बीकते हुए नजर आता है। उसको वहां की एक � read more >>