आज का शीर्षक मैंने " आंखें " रखी है ।
बड़ी प्यारी है ये आंखें ...
दिल का हाल बयां कर देती है ...!
लब हो खामोश ...
फिर भी ये सब जाहिर कर देती है ... read more >>
कितने दूर निकल गए हम ...
रिश्तो को निभाते - निभाते ...!
खुद को खो दिया हमने ....
अपनों को अपनाते - अपनाते ...!
लोग कहते हैं ....
खुल कर बातें किया क read more >>