आदेश कहाँ...! प्रार्थना विनत करती थी,
मैं भी ज्यों त्यों निज सुख ढूंढा करती थी,
मुझ जैसी भाग्य बली का भी क्या ही कहना,
मौसम कोई भी हो संघर् read more >>
संघर्ष ही जीवन
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
घिस घिस कर पत्थर से बनती लोहे की धार...
घिस घिस � read more >>
_कभी हँसते हुए छोड़ देती है" ये ज़िन्दगी!!_
_कभी रोते हुए छोड़ देती है " ये ज़िन्दगी!!_
_"न पूर्ण विराम सुख में...._
_"न पूर्ण विराम दु:ख में..._
_बस � read more >>
शिक्षक हूँ, पर ये मत सोचो,
बच्चों को सिखाने बैठा हूँ,
मैं डाक बनाने बैठा हूँ,
मैं कहाँ पढ़ाने बैठा हूँ ...
कितने SC कितने ST कितने OBC,
कित� read more >>