[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
Latest Updates
Home
Category
Latest Updates
मां क्या कोई है तेरे जैसा
तेरे जैसा कोई है क्या मां कोई है क्या तेरे जैसा कोई है तो मुझे बताना जिसको आए तुझसा प्यार जताना जो मेरे साथ हंसे भूल कर हर गम अपना जो मे
read more >>
आशीष दीजो प्रभु मेरे
अस आशीष दीजो प्रभु मेरे सदा गुण गाऊं मै तेरे मैं तुझमें ऐसे समा जाऊं प्राणो में सांस हो जैसे भूलकर कोई भूल ना हो बन जाओ मार्गदर्शक मे
read more >>
काश सब बचपन जैसा होता
बचपन भी क्या होता है सब अपना ही लगता है काश सब होता बचपन जैसा जो दिखता वैसा होता दुनिया भर की दुनियादारी ना होती दूर सब उदासी होती छो�
read more >>
नजर आए हमें
नजर आए हमें । चाँद इसीलिए आसमान देखते है। मुश्किल रास्तों की असान हो डगर, इसलिए तेरे कदमों के निशान देखते है। ऊमीद से मुकम्मल
read more >>
ए गम तुझसे है रिश्ता पुराना
ए गम तुझसे है रिश्ता पुराना सुख का क्या है इसको तो बस आना और है जाना तूने तो साथ निभाया इसने तो बस ख्वाब दिखाया तूने जीवन से लड़ना सिखा�
read more >>
कैसी है यह रीत जगत की
मां कहती थी तो सब सच लगता पता नहीं था मां को ऐसा क्यों लगता तेरे ही भरोसे छोड़ आए आंगन अपना मां कहती थी सब होगा अपने घर जैसा क्यों मां तुझ
read more >>
हार जीत के दाव
हार जीत के दाव में, फसे जगत के लोग। मन से अथक प्रयास कर,पाते सुख का भोग।। हार जीत के दाव पर, पूर्ण लगा कर ध्यान। जीत सुनिश्चित कर चलें,रख
read more >>
मन वीणा के तार है
मन वीणा के तार है, रखूं मध्य में साज। गीत प्रेम का मैं सुनूं,कायम रहता राज।। मन वीणा के तार सा, उड़े फिरे यह तेज। रखता हूं सम्हाल कर,खुश�
read more >>
वृंदावन सुखधाम है
वृंदावन सुखधाम है, जहां अटल अभिराम। राधा रमण निवास से, कण कण है गुलफाम।। वृंदावन सुखधाम है, पावन मिर्दुल स्वभाव। प्रेम धार में मग्न �
read more >>
जो विधि लिखा लिलार है
जो विधि लिखा लिलार है,समझ इसे तूं ईश। कर्म राह चलता रहूं, कृपा करे जगदीश।। जो विधि लिखा लिलार है,होना नहीं हताश। नेक इरादे रख सदा,खुशि�
read more >>
रोके से रुकती नहीं
रोके से रुकती नहीं,नजर करे दीदार। अति हर्षित तब मन हुआ,रोम रोम गुलजार।। रोके से रुकता नहीं,मेरे मधुर विचार। सबको सदा प्रकाश दे,खुशी भ
read more >>
गाँव की छोरी
गाँव की छोरी पहली बार इन्हें गाँव से शहर लाया । ये शहर देख कर आष्चर्यचकित थीं और मैं इनकी ख़ुशी को देख कर एकदम चित । मैं ढाल रहा था इन्
read more >>
« Previous
Next »
Showing
9409
to
9420
of
17335
results
‹
1
2
...
782
783
784
785
786
787
788
...
1444
1445
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder