जिन्दगी को महोत्सव की तरह जीना है,
हर गम को खुशियों से निकाल देना है।
बड़ी ही नियामत से यह जीवन मिला है,
पल _पल इसमें हसी की रंग भरना ही � read more >>
तेरे श्रंगारों में मैं ही तो बसता हूं,
तेरी हर अदाओं का मैं ही तो दिवाना हूं।
और कोई चेहरा ना पहचानु,
तूं ही तूं चारों तरफ_
तूं ही तूं चा� read more >>
#पुराण v/s #इतिहास : #श्रद्धा v/s #तथ्य
एक कहानी मैंने बचपन में पढ़ी थी कि एक पंडितजी के घर में उनकी पहली संतान का जन्म होने वाला था।
उनका ना� read more >>
*🌻 सबकी अपनी-२ व्यथा🌻*
एक बार एक व्यक्ति के जेब में दो हजार रूपये 🌷(2000/-) का नोट एवं एक रूपये का सिक्का एक साथ हो गए...*
सिक्का अभीभूत होकर द read more >>