दुविधा जो है मेरे अंदर,
किसी और को बतलाना क्या..??
मेरे मन के गहराइयों को जो भांप ना सके,
पल पल उसे समझाना क्या..??
टुक चुके हैं अब दिल अपनो read more >>
हो अगर उससे मुलाकात
दिल की बात बताऊं ....!
गहरे हो चुके हैं जख्म
कहो तो दिखाऊं....!!
दिल के कब्र में छुपे हैं , राज कितने
मिल जाए वो , तो उसे स� read more >>
एक नारी कि दूरदर्शा=) हर घर कि कहानी है। अगर एक महिला हो या कोई लड़की गर घर का काम करती है । तो उस काम में अपने सपने और निसुवाथ भाव से अपन� read more >>