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बदनाम मंजर - सी थी ए जिंदगी जिसको जितना समझना चाहा उतना ही उलझ के रह गई ए जिंदगी। धन्यवाद read more >>
नफ़रत के बाजार में, मुहब्बत की दुकान खोलो। बेच दो हिंसा को अब, देशभक्ति की बातें बोलो। नफ़रत की राजनीति अब, देश में चली है। ब� read more >>
बेचैन रहते हैं वे लोग जिन्हें हर बात याद रहती है ऐ जिंदगी ताकत है तो बातो को भूलना सीखा हर बात याद करके तो जिंदगी बेचैन सी रह जाती हैं। read more >>
ओ देश के विर पुत्रो,नव युवको जागृक हो,सचेत रहो,भान रखो कि भष्ट्राचार से,देश द्रोह से देश दुबळा आज हो रहा हम लाचार क्यो ?-2 याद करो वो क्र� read more >>
____ज्ञान के तेज से___ ज्ञान के तेज से ओजस्वी क्रांति लाओ लढके लढाईया देश को बचावो॥धृ॥ सारा चमन अपना, देश का गौरव करता पर कुछ जगह भ्रष्टा read more >>
____प्राण से बढकर तिरंगा ___ हमे तिरंगा प्राण से भी बढकर है ये हमे स्वाभिमान का रंग लगे उचाई पे फडका जो लहर लहर लहरता वो खुशीका कोई आज ना ठ� read more >>
माँ आप साथ रहना, हर मुश्किल से लड़ जायेगे, विश्वास है माँ तुम पर, हर बार आप संभालोगी| read more >>
कहानी- विद्योतमा रचना- जितेन्द्र शर्मा तिथी-20/01/2023 *** पंडित कृपाराम मिश्र सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका नाम सम् read more >>
क्यों? न! प्रिय मैं तुम्हें पहचान पाई ! क्यों ?मैं दौड़ती रही उस कठिन समय में तुम संग अकेले ! क्यों ?न राह के कांटे को मैं समझ पाई ? जो मैंने read more >>
सप्ताहिक प्रतियोगिता विषय--- सूर्य ,भास्कर, काव्यागन 19/1/2023 हे !भास्कर शब्दों के माध्यम से मैं आपकी क्या महिमा करूं । हे !भास्कर किस � read more >>
नारे लगाते हो खूब तुम हो तलवार तुम निकालते, धर्मो रक्षति रक्षित: नदियाँ बहाते खून की, कत्ल करते हो मानुजता की खुद को वीर हो पुकारते, धर� read more >>
"मुझे बनारस से नहीं, वो पान वाली गलियों से जानो, मुझे सुबह के सूर्य अर्ध्य के साथ उगती किरणों से जानो, मुझे बनारस से नहीं, मुझे दशाश्व read more >>
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