हां माना औरत हूं मै समाज की बेड़ियों से बंधी नायाब शौहरत हुं,मैं तो चलो एक मुलाकात ख़ुद के साथ हो जाए, एक कोशिश ज़माने के साथ हो जाए पर उल read more >>
सभी का वक्त एक बार आता है,
इसे चाहो तो अपना बना लो,
चाहे इसे जाने दो |
वक्त ही सब कुछ है, वक्त ही हमारा सही है, तो हम वक़्त को समझ सकेंगे... read more >>
किसी ने किसी के सपनों, का इन्तकाल ही कर दिया है,
बेरहम मासूम जज़्बे, को कुचल कर राख कर दिया है,
क्या मजाल कि जनाब एक, भी अल्फाज़ से आगे आते_ read more >>