कुछ काम करो, कुछ काम करो
जग में रह कर कुछ नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो, न निर read more >>
दिनाक→ (07/12/2022) बुधवार, शायरी→ जलने वालों को अलविदा ही ठीक हैं।
शायार→ मोहम्मद फैजान सिद्धिकी'' पिता-रईस अहमद सिद्धिकी''
अजी जानाब ह� read more >>
दुख का साथी कौन है, सुख में तो सब साथ।
रहते हरदम हैं मजे, रहे कांत में माथ।।
दुख का साथी कौन है, पल पल लब पर राम।
सुख में साथी हैं सभी, दुख � read more >>
कविता = ( मैं नहीं मानता )
झूठी तारीफ़ों के पुल !
मैं नहीं बाँधता !
पत्थरों को ख़ुदा !
मैं नहीं मानता !
कर्म का लेखा लिखना मुझे !
हाथों पर भ� read more >>