दिनाक-(29-11-2022),,,,,,, शायार लेख-(मोहम्मद फैजान सिद्दीकी पिता- रईस अहमद सिद्दिकी) अगर जिन्दगी मैं कुछ बनके दिखाना हैं। मेरा भाई अगर जिंदग� read more >>
रो रहा है दिल मेरा आंखो से अश्रु की जल धारा बह रही है,
देखकर आज गौ-माता की यह हालत मुरली वाले तेरी याद आ रही है,
द्रापद में जो तेरी मुरली क� read more >>
दिल दुःख ही रहा जब कान ने यह सुना,
आंखो से पानी का झरना बहता रहा,
इंसान कैसे इतना राक्षस बन गया,
जिसे प्यार करा उसका कत्ल भी कर दिया ।।
र� read more >>
रात की चांदनी से में लड रहा हूँ,
दुनिया सारी सो रही है मै जग रहा हूँ,
रात की सर्द हवा मेरा ध्यान रखती है,
चांद की रोशनी जब मुझसे आकर मिलत� read more >>
सच्चे, भाने वाले, हितकर तथा अन्यों को क्षुब्ध न करने वाले वाक्य बोलना और वैदिक साहित्य का नियमित पारायण करना – यही वाणी की तपस्या है । read more >>