शाईरी -नम्बर 18
गमलें में खिलते हैं! गुलाब के फुल यह सबी को पता हैं। मेरा जान ! 'अरे गमले में खिलतें हैं। गुलाब के जो यह सबी को पता हैं। मेर� read more >>
शाईरी, नंम्बर 9
मै भरज करता हूँ कि बिगड़ै हुनऐ आणिको के लिए?
ऐ आषिको यह आज, कल की आषकी मत करो ऐ आषिको यह आज कल को आषको मत करो अगर करनी है! त� read more >>