मैंने उसको देखा, उसने मुझको देखा और इस देखा-देखी में वो मेरी हो-ली, आज देखते ही देखते आ गया रंगों का त्यौहार आओ चलो मिलकर खेले होली | भरी पिचकारी रंगों से, तन उसका भीगा दिया रंगों के इस त्यौहार में, अपने प्रेम का रंग बरसा दिया | मत भाग गोरी इन से दूर, जाग

Read More »

आओ तुम्हें मैं एक बात बताऊं, एकदम सच्ची, पूरी पक्की दादी माँ होती है , घर की नींव एकदम पक्की | कमर झुका कर थी वो चलती, धीमी सी थी उसकी चाल दुबला-पतला शरीर था उसका , थे सर पे चमकते सफ़ेद बाल | जब भी मैं परदेश से घर को आता, उसके पास जाकर

Read More »

इस जीवन में हैं बहुत मुश्किलें कोई जीवन का आईना दिखा जाता है कोई जीवन का आईना मोड़ जाता है| आईना जो देखा मैंने, कुछ न कुछ तो बात है, चेहरे की सिकन बता रही है,आज खुल रहा कोई राज है| आईने में अक्सर अपना चेहरा देखकर खुश हो लेता हूँ जीवन में है कोई

Read More »

आई.आई.टी. व ए.आई.ई.ई.ई. की परीक्षा देकर जब हम घर आए, अब बारी आई स्टेट परीक्षा की और हम खुद को लोकल यूनिवर्सिटी के हवाले कर आए| सारे चेहरे थे नए और हम सब थे अनजान, लेकिन इस भीड़ में तो हमें बनानी थी अपनी पहचान| सब दिखते थे मासूम और सबको था रैगिंग का डर,

Read More »

सुनो…तुम यूँ चुप से न रहा करो, यूँ खामोश से जो हो जाते हो, तो दिल को वहम सा हो जाता है, कहीं खफा तो नही हो..? कहीं उदास तो नही हो…? तुम बोलते अच्छे लगते हो, तुम लड़ते अच्छे लगते हो, कभी शरारत से, कभी गुस्से से, तुम हँसते अच्छे लगते हो, सुनो…तुम यूँ

Read More »

आप धीरे से मरना शुरू करते हैं || अगर आप जीवन में यात्रा नहीं करते हैं अगर आप पढ़ नहीं सकते हैं अगर आप जीवन की आवाज़ नहीं सुनते हैं अगर आप अपने आप की सराहना नहीं करते हैं आप धीरे से मरना शुरू करते हैं || जब आप अपने आत्मसम्मान को मारते हैं जब

Read More »

काश की जिंदगी में कोई काश न आए, काश हम अपने हर सपने को हकीकत में जी पाएं।। काश इस काश को हम जिंदगी से मिटा पाएं।। काश हम सपनों को जिंदगी से रूबरू करा पाएं।। नही चाहिए जिंदगी से कुछ बड़ा या खास। बस जिंदगी से मिट जाए ये काश।। काश की हर इंसान

Read More »

मन की कहानी लिखूँ या आँखों का पानी लिखूँ कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ या दिल का सारा प्यार लिखूँ फूलों की महक लिखूँ या पत्तों की खनक लिखूँ बचपन के लड़कपन का जमाना लिखूँ या बारिशो में वो बेवजह का छपछपाना लिखूँ वो डूबते सूरज को देखूँ या उगते फूल की सांस लिखूँ

Read More »

कितना सुन्दर , कितना चंचल ,तू कितना अच्छा है रे मन फिर क्यों तू इतना घबराया है … तू हँसता है , सब हँसते हैं , तेरे पापा, तेरी मम्मी तूझको कितना दुलराया है रे मन फिर क्यों तू इतना घबराया है … जब कल तू नाराज था तेरे भइया न तुझको हँसाया है रे

Read More »

तुम आए कुछ यूँ… आज मौसम भी सोच में, और बादल भी मौज में हवाओं की हसीन गुफ्तगू कब से थे दूर, क्यूँ थे मजबूर , तुम आए कुछ यूँ… जरा सहमें से, खड़े हम थे, क्यूँ छलक आए आसूं | चले हम साथ ,ले हाथों में हाथ कहीं दूर चले जा रहें क्यूँ ,

Read More »