शमशान तक ही तो जाना है फिर क्यों इतनी माया है, यह जीवन मेरा है यह तन मेरा है फिर क्यों एक दिन इस में आग लगाना है ।शमशान तक ही तो जाना है फिर read more >>
तुम ये उम्मीद मत रखना मुझसे
कि मैं धोखा नही दे सकता
और ना ये उम्मीद रखना कि छल कपट से परे हूँ मैं
मैं ये सबकुछ कर सकता हूँ
धोखा भी दे सकत� read more >>
"अस्पताल"
"अजीब-सी रात है,ये अस्पताल की कहीं खुशियों का महौल तो,कहीं अजीब-सी शांति है,तो कहीं गमगीन हैं आँखें,तो कहीं सिसकने की आवाज है,इ� read more >>