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भूल हुई उसे भुला दे आगे स्मरन सुधार कर! डुबती नाईया लौट आएगी हरियाली की साख पर!! अभी क्या हो रहा है उस पर कुछ विचार करो! उजाला ही हमें दु� read more >>
विश्वास विश्वास किस पर करें? ढूंढें इस प्रश्न का उत्तर या हर किसी से डरें? पिता को पुत्र पर और पुत्र को पिता पर माता को पुत्री पर और पुत read more >>
Itni tokre kyo meri rahon mein aati Hain kyon kismat mujhe har bar aazmati ha Alfaaz meri kya kathor hai baten kya meri Shor hai kyon yahan har koi ladta hai humse aur kyon ulajhti hun main sabse Jiski Jo marji fatkar lagata hai koi danta to koi mujhmein per chillata hai to aisi hai tu vaisi hai koi roj sunata hai kya galti hai meri mujhe sa read more >>
आंखें होती है बात आंखों आंखों में कटती है रात आंखों आंखों में आंखें नित दिन सपना देखें करे इशारे आंखों आंखों में। दिन भर के बोझ से आं� read more >>
जिंदगी शायद तुझे मैं समझ ना पाई....! तभी तो तेरे गुमनामी मैं कहीं खो गई....! आंखें खुली जब , सब कुछ खो गई ...! समय तो दोनों के पास थी , पर नाराजग� read more >>
जमाना कितना बदल गया है दोस्तों ! कल तक हमारे टिफिन बॉक्स में परांठे और आम के अचार हुआ करते थे ..... और यकीन मानिए हम वो भी बहुत खुशी से चटका� read more >>
अरे बड़े भाग है तेरे मानव तन जो तुमने पाया.. करना ना पड़े अफसोस राम नाम गुण ना जो तूने गाया चक्की है यह दो पाट की तुम्हें जरूरत हरी साथ � read more >>
मत करना गुरुर कभी अपनी औलाद पर रखना बस विश्वास अपने आप पर तेरे अपने कर्म ही देंगे तेरा साथ, देते हैं जो गर्भ से लात बाहर आकर क्या रिश्त read more >>
रुको ना जिंदगी तू चला चल ,राह खुद की खुद ही चुना कर गिराने वाले लाख मिलेंगे उठाने वालों की बातों को सुनाकर गिरह में झांक अपनी पहचान अप� read more >>
आज का शीर्षक मैंने " आंखें " रखी है । बड़ी प्यारी है ये आंखें ... दिल का हाल बयां कर देती है ...! लब हो खामोश ... फिर भी ये सब जाहिर कर देती है ... read more >>
कितने दूर निकल गए हम ... रिश्तो को निभाते - निभाते ...! खुद को खो दिया हमने .... अपनों को अपनाते - अपनाते ...! लोग कहते हैं .... खुल कर बातें किया क read more >>
चलो सहेलियों धरती पर जाते हैं नए युग का रूप देख के आते हैं। सुना है धरती पर सात अजूबे है चिड़ियों की चेहेक-चेहेक हर तरफ हरियाली है। � read more >>
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